सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को झुंझुनूं में लग्जरी एवं स्लीपर बसों तथा स्कूली बालवाहनों का औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 5 वाहनों को सीज किया गया, जबकि 10 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया।
सुरक्षा मानकों की हुई जांच
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं के अध्यक्ष सुनील कुमार पंचोली के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेंद्र के. सिंह सोलंकी के निर्देशन में गठित टीम ने मोटर वाहन अधिनियम एवं राज्य सरकार की एसओपी के तहत सुरक्षा मानकों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर 3 स्लीपर बसों को मौके पर ही सीज किया गया, जबकि 6 अन्य स्लीपर बसों पर जुर्माना लगाया गया।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी फोकस
अभियान के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बालवाहनों की भी जांच की गई। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर 2 बालवाहनों को सीज किया गया, जबकि 4 बालवाहनों पर जुर्माना लगाया गया।
यात्रियों को नहीं होने दी परेशानी
डीएलएसए सचिव डॉ. महेंद्र के. सिंह सोलंकी ने बताया कि जब्त की गई बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। सभी यात्रियों को अन्य बसों में सुरक्षित बैठाकर उनके गंतव्य तक रवाना किया गया।
उन्होंने आमजन से अपील की कि बस में यात्रा करने से पहले वाहन की वैधता और सुरक्षा संबंधी जानकारी अवश्य जांच लें।
अभियान रहेगा जारी
प्राधिकरण सचिव ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों का जीवन सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित गति, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अधिकांश गंभीर सड़क हादसों का कारण बनती है।
उन्होंने वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि आमजन और स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।






