झुंझुनूं। केंद्र सरकार की नीतियों और अमेरिका के साथ किए गए कथित किसान विरोधी समझौते के विरोध में वामपंथी संगठनों ने सोमवार को झुंझुनूं में प्रदर्शन किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ‘जेल चलो आंदोलन’ के तहत जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सामूहिक गिरफ्तारी दी।
शिक्षक भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता शिक्षक भवन से पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों और अमेरिका के साथ किए गए समझौते के खिलाफ नारे लगाए गए।
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था।
बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता
कलेक्ट्रेट की सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास भी किया गया। इस दौरान SFI के पदाधिकारी और वामपंथी नेता महिपाल पूनिया बैरिकेड्स पर चढ़ गए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बैरिकेड्स पर चढ़े नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नीचे उतारा। कलेक्ट्रेट परिसर में डिप्टी एसपी गोपाल ढाका के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
अमेरिका के साथ समझौता रद्द करने की मांग
वामपंथी नेता महिपाल पूनिया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे समझौते कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि अमेरिका के साथ किए जा रहे कथित जनविरोधी और किसान विरोधी समझौते को तत्काल रद्द किया जाए।
उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर जिलेभर के कार्यकर्ता ‘जेल चलो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।
दो बसों में ले गई पुलिस
कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय तक चले प्रदर्शन, नारेबाजी और हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर खड़ी पुलिस की दो बसों में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को ले जाया गया।






