Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
भारतीय सेना की 12 राज रिफ बटालियन की ओर से आज इच्छामती दिवस मनाया गया। झुंझुनू स्थित शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत हवन यज्ञ से हुई। इसके बाद राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी आए पूर्व सैनिकों एवं शहीदों की वीरांगनाओं ने मुख्य अतिथि कर्नल सतीशचंद्र के नेतृत्व में शहीद वेदी पर पुष्प चक्र एवं पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कर्नल सतीशचंद्र ने बताया कि इच्छामती दिवस, 15 दिसंबर से ज्यादा शुभ दिन इस पलटन के लिए और कोई नहीं हो सकता। क्योंकि इसी दिन 1971 पलटन ने पाकिस्तानी फौजों पर कब्जा किया था और बांग्लादेश में पलटन को इच्छामती खिताब मिला था। उन्होंने कहा कि पलटन को इस तरह के खिताब मिलना बहुत ही सौभाग्य की बात होती है। उसी दिन को इच्छामती दिवस के रूप में मनाने के लिए हर साल 15 दिसंबर को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है और पलटन के शहीद हुए सैनिकों की वीरांगनाओं का सम्मान भी किया जाता है। अपने संबोधन के दौरान कर्नल सतीशचंद्र ने फौज से रिटायर हो चुके अफसरों एवं सैनिकों से कहा कि वे समय-समय पर नए जवानों को पलटन के इतिहास से अवगत कराते हुए उनकी हौसला अफजाई करते रहे।
