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झुंझुनूं से कांग्रेस की टिकट बृजेंद्र ओला को दिए जाने के बाद जिला परिषद सदस्य दिनेश सुंडा के समर्थकों में ना केवल निराशा थी। बल्कि उनमें पार्टी को लेकर गुस्सा भी था। इसकी खबर जब नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा को लगी तो उन्होंने एक कांग्रेस नेता के रूप में सुंडा समेत उनके सभी समर्थकों की बैठक बुलाई और उन्हें अनुशासित तरीके से पार्टी के साथ मिलकर काम करने का निवेदन किया। करीब पांच घंटे तक रीको स्थित सुंडा फॉर्म हाउस में चली बैठक में डॉ. शर्मा ने कहा कि यह सही है कि झुंझुनूं के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल पा रहा है। पिछले चार सालों से झुंझुनूं विधानसभा में सही विपक्ष की भूमिका दिनेश सुंडा ने अदा की है। लेकिन पार्टी ने जब टिकट को लेकर अपना फैसला ले लिया है तो हमें भी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता की तरह ही काम करना है। उन्होंने कहा कि 25 साल के संघर्ष के बाद उन्हें टिकट मिली है। तो यकीन मानिए आने वाले समय में सुंडा को भी कांग्रेस बड़ी जिम्मेदारियां देगी। साथ ही झुंझुनूं के कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के लिए वे भी सुंडा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। यदि किसी कार्यकर्ता को कोई भी काम हो। तो उन्हें किसी दूसरे के पास जाने की जरूरत नहीं है। वे और सुंडा, दोनों हर वक्त तैयार रहेंगे। इस मौके पर सुंडा के समर्थकों में निराशा थी और कई भावुक होते हुए आक्रोशित भी हुए। लेकिन कांग्रेस की एकजुटता बनाए रखने के लिए डॉ. शर्मा और सुंडा ने सभी को शांत करवाया। इस मौके पर सुंडा ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की भी यही इच्छा है कि बिना कोई बगावत के झुंझुनूं जिले में चुनाव लड़ा जाए और सातों सीटों पर जीत दर्ज की जाए। तो वे डॉ. शर्मा और पार्टी के साथ है। साथ ही उन्होंने वादा किया कि पूर्व की भांति लगातार जनता के बीच रहते हुए उनकी सेवा करेंगे। समस्याओं का समाधान करवाने के लिए तत्पर रहेंगे और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे।
