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यूपीपीसीएस की परीक्षा कठिन परीक्षा में से एक मानी जाती है लेकिन संगीता राघव ने इस परीक्षा को पहले प्रयास में ही पास कर दिखाया और इतिहास रच दिया। संगीता राघव ने इस परीक्षा के लिए वर्ल्ड बैंक की नौकरी छोड़ दी।
साल 2017 में संगीता ने ट्रायल के लिए यूपीपीसीएस की परीक्षा दी थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। साल 2018 में उन्हें रैंक 2 मिला और उन्होंने इतिहास रच दिया।
हरियाणा की रहने वाली है संगीता
संगीता राघव मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली है और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई यही से की है। उनके पिता इंडियन नेवी से रिटायर्ड है और उनकी माता हाउसवाइफ है। संगीता राघव अपने होमटाउन गुरुग्राम से ही स्कूलिंग की और ग्रेजुएशन भी यही से की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से उन्होंने मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
संगीता फिलहाल लखनऊ विकास प्राधिकरण में OSD के पद पर तैनात है। वह उत्तर प्रदेश की तहसील रामपुर मनिहारान और नकुड की एसडीएम भी रह चुकी। मास्टर्स के बाद संगीता को वर्ल्ड बैंक और साउथ एशियन इंस्टीट्यूट के प्रोजेक्ट के लिए काम मिल गया था और इसके लिए वह नेपाल और हिमाचल प्रदेश भी गई थी। हालांकि वह यूपीपीसीएस परीक्षा पास करना चाहती थी जिसके लिए उन्होंने इस नौकरी को छोड़ दिया और इस परीक्षा को पास कर दिखाया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संगीता राघव ने बतौर एसडीएम नकुड़, सहारनपुर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं थी। एयरफोर्स स्टेशन सरसावा के अधिकारियों के साथ उनका समन्वय मिशन की सफलता में निर्णायक साबित हुआ। वायुसेना ने उनकी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता को सराहते हुए यह सम्मान दिया।
