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पहले ऑफलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया होती थी जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी होती थी और कई बार तो इसमें भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आए थे। इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार के द्वारा रजिस्ट्री को ऑनलाइन बना दिया गया। इस समय और धन दोनों बचता है इसके साथ ही साथ पारदर्शिता बढ़ गई है। सरकार के द्वारा रजिस्ट्री से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किया गया है जिसके बारे में हर व्यक्ति को जानना चाहिए।
बदल गया रजिस्ट्री से जुड़े नियम
रजिस्ट्री हुई ऑनलाइन: सरकार के द्वारा अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन कर दी गई है। अब दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करना होगा।
आधार नंबर देना जरूरी: धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने अब जमीन रजिस्ट्री में आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब खरीदार और विक्रेता दोनों को अपना आधार नंबर देना होगा इसके साथ ही फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के जरिए वेरिफिकेशन भी करना होगा।
नगदी लेनदेन पर रोक : नई नीति के अनुसार स्टांप शुल्क और पंजीकरण फीस के भुगतान केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही आप स्वीकार होंगे नगद राशि लेकर कोई भी काम नहीं किया जाएगा। आप यूपीआई के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग या क्रेडिट डेबिट कार्ड के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं।
वीडियोग्राफी जरूरी : अब रजिस्ट्री का कार्य जब भी होगा तब वीडियो रिकॉर्ड करना जरूरी कर दिया गया है। लगातार प्रॉपर्टी के बढ़ते झगड़ों को देखते हुए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है।
