Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
रेलवे बोर्ड के द्वारा इस फेस टू फेस तरीके से काम करने की स्वीकृति प्रदान की गई है और इसका निर्माण कार्य तेजी से किया जाएगा इसके लिए रेल करो को छोटे-छोटे भागों में बांटा गया है। पहले चरण में लगभग 931 करोड रुपए से 6.6 हेक्टयर जमीन अधिग्रहित सहित बख्तियारपुर से फतुहा तक 24 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होगा।
लगभग 392 करोड रुपए से एक हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित सहित बख्तियारपुर से पूनारख की स्वीकृति दी गई है।पूनारख से किउल के लिए लगभग 25 से 14 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। पटना के आसपास जमीन की कमी है यही वजह है की तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण में दानापुर से पटना के बीच दो एस्टेब्लिश लाइनों को हटाकर इस जगह तीसरी और चौधरी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है।
पटना और पटना सिटी के बीच जगह की कमी के कारण यूपी और डॉ दिशा के लिए एक एक्स्ट्रा लाइन का निर्माण संभव हो सकेगा। ऐसे रिवर्सिबल तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा और ठीक इसी तरह नई रेल लाइन के बनने से शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।
