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एनजीटी की तरफ से नए बाईपास की मंजूरी दे दी है। नए बाईपास के निर्माण के बाद जहां भोपाल शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं वाहन फर्राटा भरते हुए नजर आएंगे। भोपाल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने भोपाल के बहुप्रतीक्षित ‘अयोध्या बाइपास प्रोजेक्ट को कुछ सख्त शर्तों के साथ आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है।
जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव (चेयरपर्सन) और जस्टिस शेव कुमार सिंह (न्यायिक सदस्य) की पीठ ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को आश्रम तिराहा से रत्नागिरी तिराहा तक 16.4 किलोमीटर लंबे हिस्से के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य को हरी झंडी दी है। यह आदेश शहर निवासी नितिन सक्सेना द्वारा दायर उस याचिका पर आया है, जिसमें बाईपास निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई गई थी।
एनजीटी ने माना कि तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात के भारी दबाव को देखते हुए इस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का समय पर पूरा होना जनहित में बेहद जरूरी है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि चूंकि इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 100 किलोमीटर से कम है, इसलिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नियमों के तहत इसे अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) से छूट प्राप्त है।
हाईवे के अलाइनमेंट और तकनीकी पहलुओं की जांच सेंट्रली एम्पायर्ड कमेटी (सीईसी) द्वारा की जा चुकी है, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
