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झुंझुनूं नगर परिषद ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत शहर में प्लास्टिक फ्री अभियान की शुरुआत की है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक का उपयोग अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अभियान का उद्देश्य स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करना और शहर को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी बनाना है।
आयुक्त और नोडल अधिकारी के निर्देश पर चला अभियान
अभियान का संचालन आयुक्त देवीलाल बोचल्या और
स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी रोहित कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार किया गया।
इस दौरान एमआईएस अभियंता मुकेश पालीवाल तथा WeVOIS की IEC टीम के एक्सपर्ट कपिल गुप्ता ने आम लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
100 माइक्रोन से कम प्लास्टिक पर पूरा प्रतिबंध
जागरूकता सत्र में बताया गया कि—
- 100 माइक्रोन से कम प्लास्टिक कैरी बैग पूरी तरह बैन
- सूखा कचरा नीले डस्टबिन में
- गीला कचरा हरे डस्टबिन में
डालना अनिवार्य है।
टीम ने कहा कि कचरा पृथक्करण से न केवल शहर साफ होगा, बल्कि प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान में भी कमी आएगी।
दुकानदारों को दिए गए विशेष निर्देश
अभियान के दौरान दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर
दो डस्टबिन (सूखा और गीला कचरा) रखने के निर्देश दिए गए ताकि स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण हो सके।
साथ ही उन्हें बताया गया कि प्लास्टिक के लगातार उपयोग से—
- पर्यावरण को नुकसान
- जल निकासी अवरुद्ध
- पशुओं के स्वास्थ्य पर खतरा
जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल
नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान
झुंझुनूं को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्थानीय नागरिकों से अपील की गई कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
