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23 दिसंबर 1995 कि घटना
बता दे कि यह भयावक हादसा 30 वर्ष पहले 23 दिसंबर 1995 को हरियाणा के डबवाली में हुआ था। इसे एशिया के सबसे भयावह अग्निकांड में से एक माना जाता है। इस हादसे में 442 लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। मृतकों में 258 बच्चे, 140 महिलाएं और 44 पुरुष शामिल थे।Haryana News
कैसे हुआ था हादसा
जानकरी के लिए बता दे कि उस डरावने दिन को याद कर आज भी लोग हतास हो जाते है। हादसा तब हुआ था जब डबवाली के एक टेंट में स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम के दौरान अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया। टेंट में आपात निकास की व्यवस्था न होने, इतनी बड़ी घटना हो गई थी जिसके बाद पुरे देश में शोक कि लहर दौड गई थी।Haryana News
उपस्थित लोगों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के निदेशक देव कुमार शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री से समय लेकर स्मारक के संरक्षण और पीड़ित बच्चों की स्मृति में स्थायी निर्माण कार्यों के लिए हर संभव सहयोग दिलाने का प्रयास करेंगे।
एसडीएम अर्पित संगल ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डबवाली की यह घटना आज भी समाज को झकझोर देती है। उन्होंने स्मारक स्थल के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रशासनिक स्तर पर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
