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आज पोल्ट्री फॉर्म एसोसिएशन की ओर से झुंझुनू में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें फार्म संचालकों ने बताया कि वे नियमानुसार ही पोल्ट्री फार्म का संचालन कर रहे हैं। उनका फॉर्म आबादी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है और फार्म पर सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसी भी तरह के मक्खी – मच्छर वहां नहीं हैं और ना ही किसी तरह का प्रदूषण इस फार्म से फैल रहा है। एसोसिएशन के कृष्ण गावड़िया ने बताया कि उन्होंने प्रदूषण बोर्ड से भी प्रमाण पत्र ले रखा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर वे कहीं गलत हैं या अनभिज्ञता की वजह से किसी नियम का पालन उनके पोल्ट्री फार्मों पर नहीं हो रहा है तो प्रशासन उन्हें बताएं ताकि वे नियमों को पूरा कर सकें। उन्होंने प्रशासन से अपील भी की है कि ग्रामीणों द्वारा रोके गए उनके फार्मों के रास्ते भी खुलवाए ताकि वहां तक दाना-पानी पहुंच सके। पोल्ट्री फार्म संचालकों ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनके फार्मों के रास्ते नहीं खुलवाये गए तो उन लोगों को भी मजबूरन धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम करने जैसा रास्ता अपनाना पड़ेगा। गौरतलब है कि झुंझुनू जिले के कुतुबपुरा गांव में संचालित पोल्ट्री फार्म के विरोध में पिछले करीब एक महीने से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पोल्ट्री फार्म से उठने वाली बदबू की वजह से गांव में महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है। गत दिनों धरने पर बैठी एक वृद्धा की मौत भी हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि वृद्धा की मौत पोल्ट्री फार्म से फैल रहे प्रदूषण की वजह से हुई है। वही आज पोल्ट्री फॉर्म एसोसिएशन ने आज प्रेस वार्ता कर ग्रामीणों के आरोपों का खंडन कर प्रशासन से पोल्ट्री फार्मो रास्ते खुलवाने की मांग की है।
