Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
जयपुर, चुनावो से ऐन वक्त पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह कांग्रेस में शामिल हो गई है। गौरतलब है कि भाजपा ने सुमित्रा सिंह के सहारे ही कांग्रेस के गढ़ झुंझुनू में सेंध लगाई थी। राजनितिक गलियारों में ये चर्चा चल रही थी कि भाजपा के एक खेमे में चल रही नाराजगी को देखते हुए पार्टी सुमित्रा सिंह को लोक सभा का झुंझुनू से उम्मीदवार बना सकती है। लेकिन सुमित्रा सिंह ने इन सब बातो पर विराम लगाते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया। वही ऐसा भी समझा जा रहा है कि वर्तमान विधानसभा चुनावो में झुंझुनू से सुमित्रा सिंह को भाजपा की अनदेखी नागवार गुजरी जिसके चलते उन्होंने राजनितिक पंडितो की अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस के साथ जाने का फैसला लिया है। हालाँकि सुमित्रा सिंह का कहना है कि वो बिना शर्त के कांग्रेस में आई है। कांग्रेस को वो अपना पुराना घर भी बता रही है। लेकिन उनके इस फैसले के साथ ही जनता में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि आगामी लोक सभा चुनावों में कांग्रेस का सुमित्रा सिंह को प्रत्याशी बनाया जाना निश्चित है। सुमित्रा सिंह के साथ सलावत खां, देवेंद्र कुमार और विवेक बोहरा भी कांग्रेस में शामिल हो गए है। इसमें सलावत खान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। ये नेता जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए। अशोक गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि सुमित्रा सिंह की घर वापसी से पार्टी को मिलेगी मजबूती।
