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हुआ ये बदलाव
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि भजनलाल सरकार ने राज्य के 11 कानूनों में मामूली और तकनीकी उल्लंघनों के लिए दिए गए जेल के प्रावधानों को खत्म कर देगा, उनकी जगह केवल आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाने का रास्ता खोलेगा.
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि यह फैसला सीधे तौर पर राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) को बढ़ाने और आम नागरिक के लिए ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living) सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कैबिनेट बैठक( Rajasthan Cabinet Metting) के बाद बताया कि यह पहल केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम, 2023 पर आधारित है. इसका मुख्य लक्ष्य अदालतों में मुकदमों के बोझ को कम करना, छोटे उद्योगों को इंस्पेक्टर राज से बचाना और उन नागरिकों को राहत देना है जो अनजाने में छोटी-मोटी प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर देते हैं.
किन 11 कानूनों से हटी जेल की सजा?
इस अध्यादेश के लागू होने के बाद, 11 राज्य कानूनों में मामूली उल्लंघनों के लिए सजा (जेल) के प्रावधान समाप्त हो जाएंगे. इनमें से कुछ प्रमुख कानून और उनके तहत आने वाले मामले निम्नलिखित हैं, जिन पर अब केवल जुर्माना लगेगा:-,जिनमे वन अधिनियम (Forest Act), औद्योगिक इकाई अधिनियम (Industrial Units Act), जयपुर जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड अधिनियम (Jaipur Water Supply and Sewerage Board Act) भी शामिल है।
