रोहित गोदारा-वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़े आरोपी पर 25 हजार का इनाम था
राजस्थान और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रोहित गोदारा-वीरेंद्र चारण गैंग से जुड़े 25 हजार रुपए के इनामी अंतरराज्यीय बदमाश बिन्दू उर्फ मिंटू मोडासिया को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने आरोपी को 25 अगस्त को हिसार से डिटेन कर गिरफ्तार किया था।
इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से वारदात और गैंग के नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।पुलिस के अनुसार, 14 मई को रेलवे घूमचक्कर के पास रहने वाले व्यवसायी सुनील प्रजापत के घर दो नकाबपोश बदमाश पहुंचे थे।आरोप है कि बदमाशों ने वीरेंद्र चारण और रोहित गोदारा के नाम से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से घर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।जांच में पुलिस के सामने आया कि हरियाणा के बहल निवासी बिन्दू उर्फ मिंटू पुत्र कर्णसिंह जाट ने वारदात को अंजाम देने वाले शूटर हरदीप सिंह और रोहित को हथियार उपलब्ध करवाए थे।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपी मकोका के तहत मेडिकल आधार पर पैरोल पर बाहर चल रहा था। पुलिस ने उसे हिसार से पकड़ा और रतनगढ़ लाकर पूछताछ शुरू की।थानाधिकारी एवं सीआई संदीप कुमार के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मकोका सहित विभिन्न राज्यों में हत्या के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।इसके अलावा आरोपी के खिलाफ कुल 33 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।पुलिस अब इस
पूरे मामले में विदेश में बैठे गैंग के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए स्थानीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है।जांच में ऐसे स्थानीय गुर्गों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है, जो व्यापारियों के मोबाइल नंबर और पते गैंग तक पहुंचाते थे।पुलिस ने ऐसे लोगों के अलावा चार-पांच अन्य संदिग्धों को भी जांच के दायरे में लिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान हथियार सप्लाई, गैंग नेटवर्क और वारदात से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।मामले में पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। रतनगढ़ से सुभाष प्रजापत की रिपोर्ट






