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राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा सीकर जिला अध्यक्ष मुरलीधर शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (माध्यमिक) में आयोजित महासंघ की जिला स्तरीय बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के मंत्रालयिक कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी के फलस्वरूप मंत्रालयिक कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की नाराजगी का खामियाजा भाजपा सरकार को भुगतना पड़ा। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बजरंग लाल जांगिड़ तथा जिला महामंत्री सचिन माथुर ने कहा कि राज्य में नवनिर्वाचित सरकार के प्रतिनिधियों से शीघ्र ही वार्ता कर मंत्रालयिक कर्मचारियों के ज्वलन्त मुद्दों ग्रेड पे 3600, सचिवालय के समान वेतन भत्ते देने तथा कटौती वापिस लेने सहित सभी समस्याओं का निराकरण करवाने का प्रयास किया जायेगा। महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेशचन्द्र माथुर तथा जिला संगठन मंत्री हंसराज लूणा ने कहा कि नव गठित सरकार का ध्यान इस ओर भी आकर्षित करवाया जायेगा कि इसी कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 2013 में अल्पवेतन भोगी मंत्रालयिक कर्मचारियों के वेतन में की गयी बढ़ोतरी को भी भाजपा सरकार द्वारा वापिस लेकर कर्मचारियों के इतिहास का सबसे नकारात्मक निर्णय लिया गया। जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा जिसकी परिणिति चुनाव के परिणाम के रूप में देखने को मिली है। महासंघ के उपाध्यक्ष भुवनेश कुमार शर्मा तथा वरिष्ठ प्रतिनिधी चरण सिंह ने बताया कि मांगों के सम्बन्ध में योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से चलाये जाने वाले अभियान के लिए जिले के सभी मंत्रालयिक कर्मचारी एकजुट हैं।
