Information, figures, and context may have changed since the time of publication.
2026 तक निजीकरण की प्रक्रिया हो जाएगी पूरी
साल 2026 तक आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। केंद्र सरकार के पास 45.48 परसेंट और एलआईसी के पास 49.24 परसेंट हिस्सेदारी है।निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग को आईडीबीआई बैंक में 61% हिस्सेदारी बेचने का काम दिया गया है।
राइटर के रिपोर्ट के अनुसार भारत में आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री के लिए ज्यादातर काम पूरा कर लिया है और दिसंबर तक बोलिया आमंत्रित करने की योजना भी बनाई गई है। दिसंबर महीने की शुरुआत में ही बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। आईडीबीआई बैंक के बिक्री की घोषणा सबसे पहले साल 2022 में हुई थी।
LIC को पहले आईडीबीआई बैंक में प्रवर्तक शेरधारक के रूप में वर्गीकृत किया गया था।LIC को यह दर्ज 2019 में बैंक का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के बाद मिला था। सामने रिपोर्ट के अनुसार एलआईसी के पास बैंक के संचालक पर बोर्ड प्रतिनिधित्व और रणनीतिक प्रभाव था।
एक तरफ जहां खबर आ रही है कि कोटक महिंद्रा बैंक आईडीबीआई बैंक में शेयर खरीदना चाहता है वही अभी तक कोटक महिंद्रा बैंक ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि 2026 तक निजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
