Khejri Bachao Andolan: खेजड़ी के कटाई को रोकने के लिए राजस्थान में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जा रहा है। राज्य के बीकानेर जिले में चल रहे महापड़ाव के समर्थन में क्षेत्र के डोलिया गांव में घर पर कई परिवार अनशन पर बैठे हैं। अनशन पर बैठे सास बहू की रात में तबियत बिगड़ गई जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
पूरे राज्य में खेजड़ी के कटाई को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की जा रही है।गत 2 फरवरी को 363 से अधिक लोगों ने बीकानेर में अनशन शुरू किया था, जो 5 फरवरी तक चला।
इस दौरान धोलिया गांव के वन्य जीव प्रेमी राधेश्याम पामादी की मैन रतन देवी और पत्नी निरमा बिश्नोई की चार दिनों तक अनशन रखने की वजह से तबीयत खराब हो गई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट करना पड़ा।
अनशन पर बैठी सास बहू की बिगड़ी तबीयत
सास बहू की तबीयत बिगड़ने के बाद दोनों ने कहा कि हमें अपने जान की कोई परवाह नहीं है लेकिन हम खेजड़ी को काटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार इसके लिए कड़ा कानून बनाए ताकि हम अपने खेजड़ी को बचा सके।
