अलवर के काला कुआँ स्थित राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय में प्लास्टर गिरने की घटना को राजस्थान सरकार ने गंभीरता से लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अतिरिक्त मुख्य सचिव को मरम्मत कार्य में तेजी लाने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पताल भवनों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी को कई बार भेजे गए थे मरम्मत के पत्र
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय का निर्माण वर्ष 1990 से 2023 के बीच विभिन्न चरणों में दानदाताओं एवं अन्य माध्यमों से कराया गया था। भवन के पुराने हिस्से में लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता बनी हुई थी।
चिकित्सा विभाग ने भवन की जर्जर स्थिति को लेकर 4 अगस्त 2025, 25 अगस्त 2025, 4 सितंबर 2025, 24 फरवरी 2026, 18 मई 2026, 8 जून 2026 और 29 जून 2026 को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अलवर को लगातार पत्र लिखकर मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभाग की ओर से मरम्मत के लिए आवश्यक राशि का भुगतान भी पहले ही किया जा चुका था।
प्रदेश के सभी अस्पतालों की होगी समीक्षा
गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी राजकीय चिकित्सालयों के भवनों का नियमित निरीक्षण किया जाए। जिन भवनों में मरम्मत या संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता हो, वहां चिकित्सा विभाग और पीडब्ल्यूडी के समन्वय से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भवनों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
घटना में दो लोग हुए थे घायल
सरकार के अनुसार प्लास्टर गिरने की घटना में एक चिकित्सक और एक महिला मरीज को हल्की चोटें आई थीं। दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई गई है।






