राजस्थान सरकार की हालिया तबादला सूचियों में सामने आई कथित त्रुटियों को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए तबादला आदेशों की सत्यापन प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बेनीवाल ने अपने पोस्ट में लिखा कि राजस्थान सरकार के तबादला आदेश अब “प्रशासनिक दस्तावेज़ कम और मज़ाक ज़्यादा” बनते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले एक तबादला सूची में दिवंगत पुलिसकर्मी का नाम शामिल किया गया और बाद में एक अन्य सूची में सत्ता पक्ष के एक विधायक का नाम पटवारी के रूप में दर्ज कर दिया गया।
सरकार से पूछे कई सवाल
हनुमान बेनीवाल ने अपनी पोस्ट में सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि क्या बिना किसी जांच-पड़ताल के केवल फाइलों पर मुहर लगाकर तबादला आदेश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अधिकारियों को यह तक पता नहीं कि संबंधित कर्मचारी जीवित है या नहीं।
उन्होंने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि ऐसी गलतियां लाखों कर्मचारियों के भविष्य और सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या बिना सत्यापन के जारी की जा रही तबादला सूचियां ही सरकार के “सुशासन” और “गुड गवर्नेंस” का उदाहरण हैं।
हालांकि, इस मामले में समाचार लिखे जाने तक राज्य सरकार की ओर से बेनीवाल के आरोपों और सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






