जयपुर, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अधिकारी रंजीता शर्मा राजस्थान पुलिस में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। 2019 बैच की IPS अधिकारी रंजीता शर्मा मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के डहीना गांव की रहने वाली हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने करीब नौ साल तक IT क्षेत्र में काम किया था। बाद में समाज के साथ सीधे जुड़कर काम करने की इच्छा ने उन्हें सिविल सेवा की ओर प्रेरित किया।
रंजीता शर्मा की पहचान केवल एक पुलिस अधिकारी के तौर पर ही नहीं, बल्कि IPS प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन के लिए भी रही है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने IPS Association का Sword of Honour हासिल किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह यह सम्मान पाने वाली पहली महिला IPS अधिकारी बनी थीं।
IPS ट्रेनिंग में बनाया खास रिकॉर्ड
रंजीता शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में प्रशिक्षण के दौरान आउटडोर गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान वितरित की गई 50 ट्रॉफियों में से आठ ट्रॉफियां हासिल की थीं।
Sword of Honour का संबंध प्रशिक्षण के दौरान आउटडोर प्रदर्शन से है। इसमें शारीरिक दक्षता, फील्ड ट्रेनिंग और विभिन्न आउटडोर गतिविधियों में प्रदर्शन महत्वपूर्ण होता है। रंजीता शर्मा की इस उपलब्धि ने उन्हें देशभर में चर्चा में ला दिया था।
2019 बैच के प्रशिक्षण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रंजीता शर्मा से बातचीत की थी। उस दौरान रंजीता ने बताया था कि उन्होंने IT क्षेत्र में लगभग नौ साल काम किया, लेकिन ऐसा काम करना चाहती थीं जिसका समाज पर सीधा प्रभाव पड़े।
राजस्थान में शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
IPS बनने के बाद रंजीता शर्मा को राजस्थान कैडर मिला। राजस्थान में उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम किया। वह जोधपुर कमिश्नरेट में ACP और उदयपुर में ASP के पद पर भी रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा जैसे जिलों में SP की जिम्मेदारी संभाली।
दौसा SP रहते हुए कानून-व्यवस्था पर रहा जोर
फरवरी 2024 में रंजीता शर्मा ने दौसा की पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभाला था। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि उनकी प्राथमिकता आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास कायम करना और अपराधियों में कानून का भय बनाए रखना होगी।
उन्होंने जिले को समझने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं से संवाद बढ़ाने, साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने और सड़क हादसों की रोकथाम पर भी जोर देने की बात कही थी।
दौसा में उनका करीब एक साल का कार्यकाल रहा। फरवरी 2025 में उनका तबादला हुआ और उन्हें पुलिस मुख्यालय में SP पद पर नियुक्त किया गया। उनके तबादले के बाद उनके पति और 2019 बैच के IPS अधिकारी सागर राणा को दौसा SP की जिम्मेदारी दी गई।
दौसा से विदाई भी रही चर्चा में
दौसा में रंजीता शर्मा की विदाई भी काफी चर्चा में रही। फरवरी 2025 में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें खुली जीप में बैठाकर विदाई दी। विदाई जुलूस में पुलिसकर्मी ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिना गया।
अब जयपुर ईस्ट की DCP हैं रंजीता शर्मा
राजस्थान में जून 2026 में हुए बड़े IPS तबादलों में रंजीता शर्मा को नई जिम्मेदारी मिली। उन्हें जयपुर सिटी ईस्ट की पुलिस उपायुक्त (DCP East) नियुक्त किया गया।
जयपुर ईस्ट में जिम्मेदारी संभालने के बाद भी वह कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े मामलों में सक्रिय नजर आई हैं। अप्रैल 2026 में जयपुर ईस्ट पुलिस ने ‘ऑपरेशन री-कॉल’ के तहत 400 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए थे। इस अभियान की जानकारी DCP ईस्ट रंजीता शर्मा ने दी थी।
इसी तरह अप्रैल 2026 में जयपुर पुलिस ने कारों के शीशे तोड़कर चोरी करने वाले एक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस मामले की जांच में करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज और कई स्थानों के रिकॉर्ड खंगाले गए थे। इस कार्रवाई की जानकारी भी DCP East रंजीता शर्मा ने दी थी।
सख्त पुलिसिंग के साथ जनविश्वास पर भी जोर
रंजीता शर्मा के अब तक के पुलिस करियर को देखें तो उनकी कार्यशैली में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनता से संवाद और जागरूकता पर भी जोर दिखाई देता है। IPS प्रशिक्षण के दौरान मिली उपलब्धि से लेकर जिला पुलिस की कमान और अब जयपुर जैसे बड़े शहर के महत्वपूर्ण पुलिस जिले की जिम्मेदारी तक उनका सफर लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है।
जयपुर ईस्ट की DCP के रूप में उनके सामने साइबर अपराध, चोरी-लूट, महिला सुरक्षा, यातायात से जुड़े मुद्दे और कानून-व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण विषय हैं। आने वाले समय में उनकी नई जिम्मेदारी में पुलिसिंग का प्रदर्शन उनके करियर का एक और महत्वपूर्ण अध्याय होगा।






