जयपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने अवैध एवं अनधिकृत औषधि कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चित्रकूट स्थित एक गोदाम में छापा मारा।
निरीक्षण के दौरान परिसर में बिना वैध औषधि विक्रय लाइसेंस के दवाओं का भंडारण और बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई।
विभाग की टीम ने मौके से करीब 1.40 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध औषधियां जब्त की हैं।
दस्तावेजों में भी मिली विसंगतियां
कार्रवाई के दौरान टीम को विभिन्न फर्मों के नाम से जारी बिक्री बिल, इनवॉइस, रसीद बुक और अन्य दस्तावेज मिले।
इनकी जांच में औषधि कारोबार से जुड़े अभिलेखों में कई विसंगतियां सामने आईं। मौके पर दवाओं के कारोबार के लिए वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
विभाग के अनुसार, परिसर में पूर्व में आरोग्यधाम मेडि हेल्थ एंड वेलनेस सॉल्यूशन प्रा. लि., झोटवाड़ा के लिए गतिविधियां संचालित होने की जानकारी मिली। सितंबर 2024 से Aryan Wellness Private Limited, गुरुग्राम के माध्यम से काम किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
Phenobarbitone युक्त दवा भी बरामद
जांच के दौरान GARON-100 Tablet (Phenobarbitone) भी बरामद की गई। इसमें NDPS घटक शामिल है।
विभाग के अनुसार, इस दवा से संबंधित बिल और दस्तावेजों की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं।
प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस और योग्य व्यक्ति के हस्ताक्षर के दवाओं की बिक्री तथा परिसर में अनधिकृत भंडारण की स्थिति सामने आई है।
तीन दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे
औषधियों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच के लिए टीम ने तीन दवाओं के नमूने लिए।
इनमें Gabanyl-300 (Gabapentin Capsules IP), Telmevas-H (Telmisartan & Hydrochlorothiazide Tablets IP) और Trueclam 625 (Amoxycillin and Potassium Clavulanate Tablets IP 625 mg) शामिल हैं।
सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद गुणवत्ता पर होगा अंतिम निष्कर्ष
विभाग ने स्पष्ट किया कि जब्त दवाओं की गुणवत्ता को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही दवाओं की गुणवत्ता और मानकों के संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल जब्त दवाओं, दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस कारोबार पर सख्ती
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि आमजन की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बिना वैध लाइसेंस दवाओं के भंडारण, बिक्री और वितरण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।






