राज्य सरकार ने उपभोक्ता हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विधिक मापविज्ञान अधिनियम एवं संबंधित नियमों के प्रभावी पालन पर जोर दिया है। इसी क्रम में विधिक मापविज्ञान विभाग की टीमों ने जयपुर जिले के झोटवाड़ा और कालवाड़ क्षेत्र में पांच फर्मों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन फर्मों में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई करते हुए कुल ₹1.57 लाख का जुर्माना वसूला गया।
मंत्री के निर्देश पर चल रहा जांच अभियान
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार राज्यभर में विधिक मापविज्ञान अधिनियम-2009, विधिक मापविज्ञान (डिब्बाबंद वस्तुएं) नियम, 2011 तथा राजस्थान विधिक मापविज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है।
तीन फर्मों में मिलीं अनियमितताएं
विभाग की तीन जांच टीमों ने बुधवार को पांच फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान:
- यश फूड प्रोडक्ट, रीको झोटवाड़ा में कम वजन, असत्यापित कांटा तथा पैकर रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर 340 पैकेट जब्त किए गए और ₹57,000 का जुर्माना लगाया गया।
- पिंक सिटी मिल्स, झोटवाड़ा में नेट कंटेंट की मात्रा सही नहीं मिलने और पैकर रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर 500 पैकेट जब्त कर ₹55,000 का जुर्माना लगाया गया।
- दूध मिष्ठान भंडार, कालवाड़ में नेट कंटेंट की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर 50 पैकेट जब्त किए गए और ₹45,000 का जुर्माना लगाया गया।
दो फर्मों में नहीं मिली कोई गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान अजब फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, झोटवाड़ा तथा रॉयल काजूवाला में कोई अनियमितता नहीं पाई गई।
विभाग के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना तथा बाजार में सही माप-तौल और मानकों के अनुरूप पैक्ड वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।






