जयपुर। “शुद्ध आहार–मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने जयपुर में सोहनपापड़ी निर्माण इकाई पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार सोहनपापड़ी पर पैकेजिंग तिथि और उपभोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं मिली, जिसके बाद विभाग ने करीब 1600 किलोग्राम सोहनपापड़ी मौके पर नष्ट करवाई।
विभाग की टीम ने सोहनपापड़ी और बादाम कटिंग के एक-एक नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
सोहनपापड़ी निर्माण इकाई पर पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की जयपुर मुख्यालय स्थित सेंट्रल टीम ने मेसर्स आनंद धाबास, जयपुर स्थित सोहनपापड़ी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के सुपरविजन में की गई।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी विभिन्न कमियां भी पाई गईं।
लेबलिंग में खामियां मिलने पर 1600 किलो मिठाई नष्ट
निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार सोहनपापड़ी पर पैकेजिंग तिथि और उपभोग की अंतिम तिथि अंकित नहीं पाई गई।
विभाग के अनुसार, खाद्य पदार्थों की अनिवार्य लेबलिंग संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर उपलब्ध करीब 1600 किलो सोहनपापड़ी को नष्ट करवा दिया गया।
विभाग ने निरीक्षण के दौरान मिली अन्य कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठान को अलग से इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
सोहनपापड़ी और बादाम कटिंग के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान सोहनपापड़ी और बादाम कटिंग के एक-एक नमूने लिए हैं। दोनों नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।
खाद्य विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने लोगों से की अपील
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, असुरक्षित खाद्य सामग्री और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे विश्वसनीय और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों का ही उपयोग करें। खाद्य पदार्थों में मिलावट, संदिग्ध गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर विभाग को शिकायत करने की अपील भी की गई है।






