खैरथल-तिजारा। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में साइबर ठगी के आरोपियों से कथित सांठगांठ के आरोपों को लेकर पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने लगातार मिल रही शिकायतों और विभागीय जांच के आधार पर किशनगढ़बास थाना प्रभारी (एसएचओ) बनवारी लाल मीणा, सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) कृष्ण यादव और सद्दीक खान को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं मामले में कथित संलिप्तता पाए जाने पर पुलिसकर्मी धन सिंह और घनश्याम को निलंबित किया गया है।
वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद तेज हुई जांच
पुलिस विभाग के अनुसार, किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों और पुलिसकर्मियों की कथित सांठगांठ की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। मार्च 2026 में एक पुलिसकर्मी और एक कथित दलाल के बीच बातचीत का ऑडियो एवं वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इन वायरल क्लिप्स में कथित तौर पर साइबर ठगी के आरोपियों को छोड़ने के बदले लेन-देन, थाना स्तर पर इसकी जानकारी होने तथा रकम के बंटवारे जैसी बातें सामने आने का दावा किया गया था। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मी दिलफूल यादव को निलंबित कर दिया गया था, जबकि थानाधिकारी की भूमिका की विभागीय जांच डीएसपी किशनगढ़बास को सौंपी गई थी।
शिकायतों के आधार पर एसपी ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किशनगढ़बास थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध साइबर अपराधियों को संरक्षण देने तथा कथित लेन-देन की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के दौरान प्राथमिक साक्ष्य मिलने पर संबंधित एएसआई को लाइन हाजिर तथा दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया। वहीं पर्यवेक्षणीय स्तर पर लापरवाही के मद्देनजर थानाधिकारी को भी थाने से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया।
साइबर अपराध पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच यदि कोई पुलिसकर्मी उनकी मदद करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खैरथल-तिजारा और आसपास के मेवात क्षेत्र में पिछले कुछ समय से साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है।






