जयपुर। राज्य कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-तृतीय (Enforcement Wing-III) ने इंटेलिजेंस इनपुट और विश्लेषणात्मक डाटा के आधार पर टोंक जिले के मालपुरा में तिलहन, खाद्य तेल एवं रिफाइंड चीनी के कारोबार से जुड़ी चार व्यावसायिक फर्मों पर सर्च एवं जब्ती की कार्रवाई की।
विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फर्मों द्वारा माल का वास्तविक परिवहन किए बिना बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास करने और कर अपवंचन के संकेत मिले हैं। इससे राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किए जब्त
कार्रवाई के दौरान संबंधित कारोबारी दस्तावेजों का लेखा पुस्तकों से संतोषजनक सत्यापन नहीं हो सका। इसके बाद विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड, बिल बुक, रजिस्टर तथा लैपटॉप सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विस्तृत जांच के लिए जब्त कर लिए।
एक व्यक्ति के संचालन में मिली चारों फर्में
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चारों व्यावसायिक फर्मों का संचालन एक ही व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।
विभाग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान इन फर्मों से जुड़े लगभग 6.56 करोड़ रुपये के कर संबंधी संव्यवहार संदिग्ध पाए गए हैं। इनकी विस्तृत जांच जारी है।
जांच के बाद होगी वास्तविक स्थिति स्पष्ट
राज्य कर विभाग ने बताया कि जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन स्क्रूटनी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, वास्तविक कारोबारी गतिविधियों और कर अपवंचन की वास्तविक मात्रा का पता चल सकेगा।






