जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार, 4 जुलाई को जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संशोधित उड़ान (UDAN) योजना का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी देश के आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
480 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक टर्मिनल
जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह 23 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 20 लाख यात्रियों की है।
टर्मिनल की वास्तुकला राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। भवन में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और हरित भवन निर्माण जैसी पर्यावरण अनुकूल विशेषताओं को भी शामिल किया गया है।
पश्चिमी राजस्थान को मिलेगा बड़ा लाभ
नए टर्मिनल भवन के शुरू होने से पश्चिमी राजस्थान में हवाई सेवाएं मजबूत होंगी। इससे पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
संशोधित उड़ान योजना से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने ‘उड़े देश का आम नागरिक (UDAN)’ विजन को आगे बढ़ाते हुए संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके माध्यम से अगले 10 वर्षों में विमानन क्षेत्र के विकास को गति दी जाएगी।
योजना का उद्देश्य देशभर में सस्ती और बेहतर क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना तथा विमानन क्षेत्र का विस्तार करना है।
100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपैड विकसित होंगे
संशोधित उड़ान योजना के तहत देशभर में मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों का उपयोग करते हुए 100 नए हवाई अड्डों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का भी प्रस्ताव है।
योजना के अंतर्गत एयरलाइन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) सहायता जारी रहेगी, जिससे क्षेत्रीय उड़ानों का संचालन लगातार जारी रखा जा सके।






