जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित समारोह में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी सहित 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नया भारत बड़े से बड़े संकट में भी अपने संकल्पों से पीछे नहीं हटता और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
इन 9 बड़ी परियोजनाओं की मिली सौगात
प्रधानमंत्री ने एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के साथ-साथ कई अहम परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें जयपुर मेट्रो फेज-2, बीकानेर की 1000 मेगावाट सौर परियोजना, 300 मेगावाट करणीसर सोलर प्लांट, जोधपुर रिंग रोड, चूरू-सादुलपुर रेल मार्ग, चूरू-रतनगढ़ रेल मार्ग तथा दो प्रमुख पावरग्रिड ट्रांसमिशन परियोजनाएं शामिल हैं।
राजस्थान रिफाइनरी बनेगी विकास और रोजगार का नया केंद्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार केवल शिलान्यास नहीं करती, बल्कि परियोजनाओं को पूरा कर जनता को समर्पित भी करती है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यह रिफाइनरी तकनीकी दृष्टि से दुनिया की श्रेष्ठ रिफाइनरियों में शामिल है और इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17 है, जो इसे विश्व की शीर्ष श्रेणी की रिफाइनरियों में स्थान दिलाता है।
ऊर्जा संकट के बीच भारत की रणनीति का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद भारत ने मजबूत कूटनीति और दूरदर्शी नीतियों के बल पर ईंधन आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दिया।
उन्होंने बताया कि संकट के दौरान भारत ने 25-26 देशों के बजाय 40 से अधिक देशों से ईंधन आयात किया। साथ ही रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाकर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति भी सामान्य बनी रही।
शेखावाटी को पानी और सोलर ऊर्जा पर बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा सरकारों के बीच हुए समझौते के तहत हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा। लगभग 34 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से सीकर, झुंझुनूं, चूरू सहित आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत डेढ़ लाख से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है, जबकि पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 65 हजार से अधिक सोलर पंप किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री बोले- राजस्थान की भाग्यरेखा बनेगी रिफाइनरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश की औद्योगिक प्रगति की नई आधारशिला साबित होगी। इससे पश्चिमी राजस्थान में निवेश बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार ने ढाई वर्षों में 1.78 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं, जबकि निजी क्षेत्र में 4 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। साथ ही यमुना जल समझौते से शेखावाटी क्षेत्र के लगभग 75 लाख लोगों को दीर्घकालिक पेयजल राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।






