सभी विवाहों का 60 दिन में पंजीकरण होगा अनिवार्य, लिव-इन संबंधों के लिए भी पंजीकरण का प्रावधान; 1971 युद्ध के 35 शहीद परिवारों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यावरण संरक्षण, समान नागरिक संहिता, ग्रामीण जलापूर्ति, सैनिक कल्याण और कार्मिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 और राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के प्रारूपों को मंजूरी दी है। दोनों विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाएंगे।
खेजड़ी समेत 29 पेड़ों की कटाई पर सख्ती
कैबिनेट ने गैर-वन भूमि पर वृक्षों की अवैध कटाई को नियंत्रित करने के लिए द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसमें राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी समेत कुल 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण का प्रावधान है।
प्रस्तावित कानून के तहत बिना अधिकृत अनुमति वृक्ष काटने या कटवाने पर दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। अनुमति लेकर वृक्ष हटाने की स्थिति में उसी क्षेत्र में निर्धारित संख्या में नए पेड़ लगाने होंगे।
UCC बिल का ड्राफ्ट मंजूर, विवाह पंजीकरण जरूरी
कैबिनेट ने राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों को एक समान और व्यवस्थित रूप देने का उद्देश्य रखा गया है। अनुसूचित जनजातियों और संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों को इसके प्रावधानों से बाहर रखा गया है।
प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार कानून लागू होने के बाद होने वाले सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा। बहुविवाह पर रोक का प्रावधान भी किया गया है। वहीं विभिन्न धर्मों और समुदायों को अपनी परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने की स्वतंत्रता रहेगी। लिव-इन संबंधों की शुरुआत और समाप्ति की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
पुत्र-पुत्री को उत्तराधिकार में समान अधिकार
UCC के प्रस्तावित प्रावधानों में पुत्र और पुत्री को समान उत्तराधिकार अधिकार देने की बात कही गई है। बिना वसीयत मृत्यु होने की स्थिति में संपत्ति के हस्तांतरण के लिए प्राथमिकता की श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। गर्भ में मौजूद और बाद में जीवित जन्म लेने वाले बच्चे को भी उत्तराधिकार का पूरा कानूनी अधिकार मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए नई नीति
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और टिकाऊ नल से जलापूर्ति के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी है। इसमें जल जीवन मिशन 2.0 के 19 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर जलापूर्ति योजनाओं के प्रबंधन एवं निगरानी के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाएगी।
1971 युद्ध के 35 शहीद परिवारों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान घायल होने के बाद 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 1972 के बीच वीरगति को प्राप्त हुए 35 सैनिकों के परिवारों को भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके लिए निर्धारित समय सीमा को 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 किया गया है।
कर्मचारियों के लिए भी कई फैसले
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए वांछित अनुभव में दो वर्ष की सशर्त छूट देने का निर्णय किया है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्हें वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में यह छूट नहीं मिली थी।
इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का नोशनल बेनेफिट 30 जून 2016 से देने, मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू को अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र आश्रितों में शामिल करने तथा प्रशिक्षण के दौरान पद छोड़ने की स्थिति में कुछ मामलों में वेतन-भत्तों की वसूली नहीं करने जैसे फैसले भी किए गए हैं।
470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के राजकीय आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में वार्डन भर्ती का रास्ता भी साफ किया गया है। नियमों में संशोधन के बाद छात्रावास अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पद सहित कुल 470 पद राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा समान पात्रता परीक्षा के माध्यम से भरे जा सकेंगे।
इसके अलावा वन विभाग में पदोन्नति, महिला एवं बाल विकास विभाग में पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, उद्योग एवं अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन तथा जैसलमेर में एस्केप जलाशय से प्रभावित 21 गैर-खातेदार काश्तकारों को भूमि आवंटित करने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।






