राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ऐसी निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे “बदमाशों की रूह कांप उठे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी जिले में होने वाले गंभीर अपराधों की जवाबदेही संबंधित रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध, संगठित अपराध और नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर के अधिकारियों से मांगा जवाब
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
इसके साथ ही गोगुंदा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, पूरे अपराध नेटवर्क को खत्म करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करी, संगठित अपराध और साइबर अपराध के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। पुलिस को अपराधियों के पूरे नेटवर्क, उनके आर्थिक स्रोतों और सहयोगियों तक पहुंचकर कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने विशेष रूप से अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने, हवाला नेटवर्क पर अंकुश लगाने और ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त एवं ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने साइबर ठगी रोकने के लिए साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का विश्वास कायम रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में त्वरित जांच, शीघ्र न्याय और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईजी-एसपी करेंगे व्यक्तिगत समीक्षा, CLG बैठकों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों को एनडीपीएस, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े लंबित मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी जिलों में नियमित रूप से सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठकें आयोजित करने और उनकी मुख्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।






