जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार, 5 अक्टूबर को प्रदेश के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रमुखों और उपप्रमुखों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से संवाद करेंगे।
इसमें नवनिर्वाचित महापौर, उपमहापौर, सभापति, उपसभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष शामिल होंगे। संवाद के दौरान नगरीय निकायों की पहले 100 दिनों की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
इसके साथ ही शहरी विकास, स्वच्छता, पानी, बिजली और अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदमों पर मंथन होगा।
100 दिवसीय कार्ययोजना से शहरों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक की। उन्होंने कहा कि विकसित शहरों से ही विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा।
राज्य सरकार शहरों को सुंदर, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, समग्र रोडमैप और 100 दिवसीय कार्ययोजना के जरिए शहरी निकायों के विकास को गति दी जाएगी।
सड़क, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
शहरों में स्वच्छता, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पार्कों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा।
पार्षदों के समन्वय से तैयार होगा विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्वाचित पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर राज्य सरकार एवं स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों से शहरों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर शहरी विकास को नई गति देने पर जोर दिया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
