राजस्थान सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र तंत्र (एनसीओआरडी) की बैठक में अधिकारियों को ड्रग माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
हर जिले में तैयार होगी ड्रग माफियाओं की सूची
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक ड्रग्स से जुड़े 10 प्रमुख मामलों की सूची तैयार करें। इनमें शामिल 5 कुख्यात ड्रग माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, उनकी अवैध संपत्तियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सभी पुलिस थानों में एक साथ नष्ट होगी जब्त ड्रग्स
बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जब्त किए गए ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों को एक दिन विशेष अभियान चलाकर पूरे राज्य में एक साथ नष्ट किया जाए।
मजबूत चार्जशीट और प्रभावी पैरवी पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि आदतन अपराधियों के खिलाफ तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित मजबूत चार्जशीट तैयार की जाए, ताकि न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाई जा सके।
‘डिटेक्ट–डिसरप्ट–डेस्ट्रॉय’ रणनीति से होगी कार्रवाई
उन्होंने अधिकारियों को केंद्र सरकार की ‘डिटेक्ट–डिसरप्ट–डेस्ट्रॉय’ नीति के अनुरूप ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए योजनाबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विजन 2026-29 के तहत बनेगी नई कार्ययोजना
बैठक में वर्ष 2026-29 के लिए मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा युवा मामलात विभाग को नशा मुक्ति अभियान, जनजागरूकता और ड्रग तस्करी के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जब्त वाहनों की होगी शीघ्र नीलामी
मुख्य सचिव ने जांच के दौरान जब्त किए गए वाहनों की नियमानुसार जल्द नीलामी करने तथा जिन आरोपियों के खिलाफ तीन या अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं, उनके मामलों का प्राथमिकता से शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एएनटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विकास कुमार ने प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सांवन्त, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बीएसएफ राजस्थान फ्रंटियर के महानिरीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।






