जयपुर, आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान में औषधि नियंत्रण टीम की ओर से दवाओं की नियमित जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत अगस्त 2026 में बाजार से दवाओं के 478 नमूने लिए गए, जिनकी वैज्ञानिक जांच कराई गई।
जांच में 17 दवा नमूने अमानक (NSQ) पाए गए। इसके बाद संबंधित दवाओं के स्टॉक पर रोक लगाने और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
बुपिकैन-हैवी इंजेक्शन के 7 नमूने फेल
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अमानक पाए गए नमूनों में बुपीवाकेन हाइड्रोक्लोराइड इन डेक्सट्रोज इंजेक्शन (बुपिकैन-हैवी) के एक ही बैच के 7 नमूने शामिल हैं।
इन नमूनों का बैच नंबर BKBP 02601 बताया गया है। अन्य राज्यों में मरीजों में इस दवा से जुड़े एडवर्स ड्रग रिएक्शन की सूचना मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन मिलने पर अमानक घोषित
बुपिकैन-हैवी के 7 नमूने जयपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झालावाड़ और कोटा से लिए गए थे।
राजकीय विश्लेषक, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर की जांच में सभी 7 नमूनों में बैक्टीरियल एंडोटॉक्सिन की पुष्टि हुई। इसके बाद इन नमूनों को अमानक घोषित कर दिया गया।
विभाग ने बाजार में उपलब्ध संबंधित स्टॉक पर रोक लगाते हुए स्टॉक वापस मंगाने यानी रिकॉल की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जयपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से 12,228 इंजेक्शन जब्त
औषधि नियंत्रण अधिकारियों की कार्रवाई में जयपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से बुपिकैन-हैवी के कुल 12,228 इंजेक्शन जब्त किए गए हैं।
जब्त स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है। अमानक दवा के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
बी-कॉम्प्लेक्स की 6,280 स्ट्रिप्स भी जब्त
औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि इसके अलावा जैक्सन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, अमृतसर द्वारा निर्मित बी-कॉम्प्लेक्स की 6,280 स्ट्रिप्स भी जब्त की गई हैं।
इनकी अनुमानित कीमत 92,316 रुपये है। जांच में इस दवा में विटामिन B1 और कैल्शियम डी-पैंटोथेनेट की मात्रा शून्य पाई गई।
जांच में मिलीं कई अमानक दवाएं
अगस्त में की गई जांच के दौरान बी-कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम एवं विटामिन D-3, टेल्मिसार्टन एवं एम्लोडिपिन, बिलास्टाइन, अमॉक्सीसिलिन एवं पोटैशियम क्लावुलेनेट, ऑफ्लॉक्सासिन एवं ऑर्निडाजोल सहित कई दवाओं के नमूने अमानक पाए गए।
इसके अलावा ओंडानसेट्रॉन इंजेक्शन और डेक्सामेथासोन इंजेक्शन के नमूने भी जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे।
अमानक दवाओं पर आगे भी होगी कार्रवाई
विभाग के अनुसार बाजार में उपलब्ध दवाओं के नमूने नियमित रूप से लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच की जाती है। गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली दवाओं के निर्माताओं और संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
सरकार का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करते हुए आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना है।






