राज्य में आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से औषधि नियंत्रण संगठन द्वारा दवाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। जुलाई 2026 के दौरान ड्रग टेस्टिंग लेबोरेटरी में 587 दवा नमूनों की जांच की गई, जिनमें 579 नमूने (98.64 प्रतिशत) निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए। वहीं 8 नमूने (1.36 प्रतिशत) अमानक (नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी) पाए गए हैं।

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में बाजार से नियमित रूप से दवा नमूने लेकर उनकी वैज्ञानिक जांच कराई जाती है, ताकि आमजन तक सुरक्षित औषधियां पहुंच सकें।

आठ दवा नमूने पाए गए अमानक

जांच के दौरान जिन दवाओं के नमूने अमानक पाए गए, उनमें सेफिक्सिम विद लैक्टिक एसिड बैसिलस टैबलेट्स, निफेडिपिन सस्टेन्ड रिलीज टैबलेट्स, फॉर्मल्डिहाइड सॉल्यूशन, बेटामेथासोन सोडियम फॉस्फेट इंजेक्शन, मेट्रोनिडाजोल टैबलेट्स, सेफिक्सिम एवं ओफ्लॉक्सासिन डिस्पर्सिबल टैबलेट्स, टैपेंटाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट तथा लेवोसेटिरिजिन डाइहाइड्रोक्लोराइड टैबलेट्स शामिल हैं। ये नमूने विभिन्न राज्यों के औषधि निर्माताओं से संबंधित हैं।

संबंधित निर्माताओं पर होगी वैधानिक कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि अमानक घोषित किए गए नमूनों के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित औषधि नियंत्रक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी जारी रहेगी और गुणवत्ता मानकों से समझौता करने वाले निर्माताओं एवं संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Best JEE Coaching Jhunjhunu City

The most trusted source for latest news, breaking news and detailed analysis of Jhunjhunu, Sikar and Churu district. We bring news directly to you from Jhunjhunu, Nawalgarh, Mandawa, Chirawa, Udaipurwati,...