राजस्थान में कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाणिज्यिक कर विभाग ने शनिवार को राजसमंद, बाड़मेर, जयपुर, प्रतापगढ़ और जैसलमेर सहित कई जिलों में एक साथ सर्वे एवं जांच कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में विभिन्न फर्मों में कर कानूनों के उल्लंघन, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और कर देयता कम दर्शाने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं।
राजसमंद में 45 लाख रुपये की कर अनियमितता
राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ स्थित ओशन रियलमार्ट प्राइवेट लिमिटेड की जांच में करीब 45 लाख रुपये की कर अनियमितता चिन्हित की गई। विभाग के अनुसार कंपनी ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए 38.82 लाख रुपये का अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट स्वेच्छा से वापस कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
बाड़मेर में 41 लाख रुपये की संभावित अनियमितता
बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना स्थित शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई में निरस्त जीएसटी पंजीकरण वाले आपूर्तिकर्ताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 41 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई है।
जयपुर की कंपनी ने जमा कराए 17.80 लाख रुपये
जयपुर के सिरसी स्थित राज कंस्ट्रक्शंस कंपनी में जांच के दौरान पात्रता से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान फर्म ने 17.80 लाख रुपये की कर राशि स्वेच्छा से जमा करा दी। शेष अभिलेखों की जांच जारी है।
प्रतापगढ़ और जैसलमेर में भी कार्रवाई
प्रतापगढ़ जिले के बामोतर स्थित इंद्रा सागर टारपॉलिन में करीब 7 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। जांच के दौरान फर्म ने 6.10 लाख रुपये की राशि स्वेच्छा से जमा कराई।
वहीं जैसलमेर की स्वागत ट्रेवल्स के खिलाफ सर्वे में करीब 30 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार फर्म द्वारा कर प्रावधानों के अनुरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट का समुचित समायोजन नहीं किया गया। विभाग इस मामले की भी विस्तृत जांच कर रहा है।
दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, अपात्र कर लाभ और अन्य कर अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






