जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 को देखते हुए आदर्श आचार संहिता के दौरान अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में प्रदेशभर में नाकाबंदी, गश्त और दबिश के जरिए अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने अवैध शराब के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कई स्थानों पर कार्रवाई की है।
श्रीगंगानगर में 3 हजार लीटर वॉश नष्ट
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में आबकारी ईपीएफ दल ने कार्रवाई करते हुए 600 लीटर वॉश और एक कच्ची भट्टी नष्ट की।
मौके से 20 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की गई।
इसी जिले में ग्राम खत्ता के लक्ष्मीनारायण नाहर क्षेत्र में दूसरी कार्रवाई के दौरान 3 हजार लीटर वॉश के साथ तीन अवैध भट्टियां नष्ट की गईं।
भीलवाड़ा में 4 हजार लीटर वॉश नष्ट
भीलवाड़ा जिले के ग्राम कुवाड़ा में कोठारी नदी के पेटे में आबकारी टीम ने दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान 4 हजार लीटर वॉश और पांच अवैध भट्टियां नष्ट की गईं। मौके से 15 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी बरामद की गई।
बारां के वन क्षेत्र में भी कार्रवाई
बारां जिले के शाहबाद उपखंड में ग्राम गाड़ीघाट के समीप वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया।
यहां आबकारी टीम ने 1,700 लीटर वॉश और छह अवैध भट्टियां नष्ट कीं। मौके से 30 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी बरामद हुई।
अन्य राज्यों से शराब तस्करी पर भी नजर
आबकारी विभाग की ओर से अन्य राज्यों से शराब की तस्करी रोकने के लिए भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और आबकारी निरोधक दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव तक जारी रहेगा निगरानी अभियान
विभाग का फोकस विशेष रूप से अवैध शराब निर्माण, परिवहन और बिक्री पर है। चुनावी अवधि में शराब के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए नाकाबंदी और गश्त के साथ संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
आबकारी विभाग के अनुसार प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध मदिरा के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






