राजस्थान में पशुपालकों को बेहतर और समयबद्ध पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मोबाइल वेटनरी यूनिट (एमवीयू) के संचालन में लापरवाही बरतने पर पशुपालन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने सीकर सहित नौ जिलों के संयुक्त निदेशकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
इन जिलों के अधिकारियों को जारी हुए नोटिस
विभाग की ओर से जिन जिलों के संयुक्त निदेशकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें सिरोही, सीकर, भीलवाड़ा, सलूम्बर, बीकानेर, राजसमंद, जोधपुर, नागौर और ब्यावर शामिल हैं।
दिशा-निर्देशों की पालना नहीं करने का आरोप
निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने कहा कि प्रदेशभर में मोबाइल वेटनरी यूनिट का उद्देश्य पशुपालकों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करता है, जिनका पालन सभी अधिकारियों के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि संबंधित जिलों में मोबाइल वेटनरी यूनिट के संचालन और पर्यवेक्षण में निर्धारित निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया गया। कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद अपेक्षित सूचनाएं निदेशालय को नहीं भेजी गईं और अनुपालना से संबंधित प्रतिवेदन भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण
डॉ. मीना ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संयुक्त निदेशकों को दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
निदेशक ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा शासन के निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को मोबाइल वेटनरी यूनिट की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक कॉल पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






