जयपुर। राजस्थान पुलिस ने सोमवार को अपने पिछले छह माह के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक करते हुए अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर कार्रवाई और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धियों का दावा किया। राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अब पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति पर काम करेगी।

डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में 2026 की समान अवधि में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में वृद्धि पुलिस की सक्रिय कार्रवाई का परिणाम है।

हत्या, लूट और दुष्कर्म सहित कई गंभीर अपराधों में आई गिरावट

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

राजस्थान पुलिस के मुताबिक हत्या के मामलों में 4.41 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 11.17 प्रतिशत, डकैती में 16.28 प्रतिशत और लूट के मामलों में लगभग 20 प्रतिशत तक गिरावट आई है। वहीं दुष्कर्म के मामलों में 13.36 प्रतिशत तथा पॉक्सो अधिनियम के मामलों में 20.90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में भी करीब 19 प्रतिशत की गिरावट बताई गई।

महिला सुरक्षा और अनुसंधान में तेजी का दावा

डीजीपी ने बताया कि महिलाओं से जुड़े मामलों के अनुसंधान में भी तेजी लाई गई है। पॉक्सो मामलों में औसत जांच अवधि 78 दिन से घटकर करीब 51 दिन और दुष्कर्म मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा सखी और महिला सलाह सुरक्षा केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, AI आधारित कंट्रोल सेंटर बनेगा

राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों पर भी बड़ी कार्रवाई का दावा किया। राज्य के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क संचालित है।

डीजीपी ने बताया कि सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) और AI आधारित 1930 कॉल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही साइबर हेल्पलाइन की क्षमता भी बढ़ाई गई है।

उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में अब तक 174 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई है। वहीं CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61 हजार से अधिक मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।

ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स पर आर्थिक कार्रवाई होगी तेज

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में राजस्थान पुलिस की प्राथमिकता बड़े ड्रग सिंडिकेट, संगठित अपराध और रंगदारी गिरोहों की आर्थिक ताकत खत्म करना होगी।

उन्होंने बताया कि सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट के बड़े तस्करों की अवैध संपत्तियों को कुर्क और जब्त करने की कार्रवाई तेज की जाएगी। साथ ही रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी की जाएगी।

तकनीकी संवर्ग में पदोन्नति का रास्ता भी हुआ साफ

डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने पुलिस के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन करते हुए चालक, घुड़सवार और बैंड शाखा सहित विभिन्न कैडरों में 403 पदों का पुनर्गठन किया है। इससे लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त होगा और पुलिसकर्मियों को समयबद्ध पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा।

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