राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से उप-निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन 20 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए 15 सितंबर को RPSC अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह की अध्यक्षता में पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में दो घंटे से अधिक समय तक परीक्षा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर मंथन किया गया।
11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र
आयोग ने परीक्षा के लिए प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर कुल 2,18,131 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
जिलेवार परीक्षा केंद्रों की संख्या इस प्रकार है:
- अजमेर: 74
- अलवर: 48
- भरतपुर: 58
- बीकानेर: 47
- हनुमानगढ़: 23
- जयपुर: 187
- जोधपुर: 81
- कोटा: 58
- श्रीगंगानगर: 10
- टोंक: 16
- उदयपुर: 64
इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 187 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
दो पारियों में होगी परीक्षा
परीक्षा का आयोजन दो पारियों में किया जाएगा।
पहली पारी: सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा।
दूसरी पारी: दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए 17 सितंबर 2026 को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपने आवश्यक विवरण दर्ज कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
OMR में पांचवां विकल्प भरना जरूरी
इस बार परीक्षा में OMR शीट को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव है। अभ्यर्थियों के लिए पांचवां विकल्प यानी अनुत्तरित प्रश्न का गोला भरना अनिवार्य किया गया है।
यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना है तो अभ्यर्थी को पांचवां गोला भरना होगा। इसके लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
आयोग इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर शुद्धि पत्र भी जारी कर चुका है।
परीक्षा से 2 घंटे पहले पहुंचना होगा
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
डमी अभ्यर्थियों और नकल पर रहेगी नजर
RPSC अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि या डमी अभ्यर्थी बैठाने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रवेश के दौरान HHMD और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से अभ्यर्थियों की जांच होगी।
इसके अलावा मेटा ग्लासेस और ब्लूटूथ डिवाइस जैसे हाईटेक उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पाबंदी
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
परीक्षा प्रक्रिया की निर्धारित SOP के अनुसार वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सघन निगरानी रखी जाएगी।
डिबार अभ्यर्थियों पर SOG-ATS की नजर
पूर्व में डिबार किए गए अभ्यर्थियों पर SOG और ATS की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SOG, रिक्रूटमेंट एवं क्राइम), सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से परीक्षा के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
फर्जीवाड़े पर होगी कड़ी कार्रवाई
RPSC अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के तहत त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा के दौरान नकल, डमी अभ्यर्थी या अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए आयोग और प्रशासन की ओर से सुरक्षा से लेकर बायोमेट्रिक जांच तक कई स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी।






