राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 मेडिकल स्टोरों के औषधि लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए हैं। इन मेडिकल स्टोरों पर दवा दावों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
सरकार के अनुसार, इन मेडिकल स्टोरों के खिलाफ अतिरिक्त भुगतान की वसूली, टीएमएस निलंबन, डी-पैनलमेंट और अन्य नियमानुसार कार्रवाई भी जारी है।
फर्जी दावों और मिलीभगत के आरोप
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ मेडिकल स्टोर कथित रूप से चिकित्सकों और लाभार्थियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दावे प्रस्तुत कर रहे थे। कई मामलों में चिकित्सकों के फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया, जबकि कुछ दावे ऐसी वस्तुओं पर भी किए गए जो आरजीएचएस के तहत भुगतान योग्य नहीं थीं।
इन्हें गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त किए गए।
इन जिलों में हुई सबसे अधिक कार्रवाई
विभाग के अनुसार, जिन 31 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उनमें
- जयपुर – 11
- भरतपुर – 9
- नागौर – 2
- धौलपुर – 2
- हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सीकर, जोधपुर और अलवर – 1-1 मेडिकल स्टोर शामिल हैं।
एआई से होगी निगरानी
राज्य सरकार ने बताया कि अब आरजीएचएस के तहत प्रस्तुत होने वाले दवा दावों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित विश्लेषण प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।
इस तकनीक की मदद से कृत्रिम मूल्य वृद्धि, असामान्य एमआरपी, गलत मूल्य निर्धारण, अप्रमाणित दावों और गलत उत्पाद मैपिंग जैसे मामलों की स्वतः पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
दवाओं के दामों में भी मिली अनियमितता
जांच में Exemptia 40 mg, Denberi इंजेक्शन, Terifrac (Teriparatide) और Trulicity 1.5 mg जैसी दवाओं पर बाजार मूल्य से अधिक दरों पर दावे किए जाने के मामले सामने आए।
इसके अलावा, जहां आरजीएचएस नियमों के अनुसार न्यूनतम 40 प्रतिशत छूट देना अनिवार्य था, वहां कुछ मेडिकल स्टोरों ने केवल 12 प्रतिशत या उससे भी कम छूट दी। जांच में कई मामलों में खरीद मूल्य से दो से पांच गुना तक राशि के दावे भी पाए गए।
10 स्टोरों का टीएमएस बंद, 13 को नोटिस
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि अनियमितताओं को देखते हुए 10 मेडिकल स्टोरों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि 13 मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार आरजीएचएस के तहत दवा वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और वित्तीय रूप से अनुशासित बनाने के लिए नई कार्ययोजना भी तैयार कर रही है।






