जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में संदिग्ध दावों के मामले में राज्य सरकार ने सीकर स्थित एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल पर कार्रवाई की है।
अस्पताल को RGHS से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद की गई।
AI आधारित निगरानी में सामने आए संदिग्ध दावे
RGHS प्रशासन के अनुसार, योजना के तहत दावों की नियमित निगरानी, आंकड़ा विश्लेषण और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कुछ दावे प्रथमदृष्टया संदिग्ध पाए गए।
AI आधारित निगरानी प्रणाली के माध्यम से असामान्य और संदिग्ध पैटर्न की पहचान की जा रही थी। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड और दावों की जांच शुरू की गई।
अस्पताल छोड़ चुकी डॉक्टर के नाम से 315 उपचार विवरण
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि डॉ. अलका आर्य, BDS ने 20 अप्रैल 2026 को अस्पताल से त्यागपत्र दे दिया था। जून 2026 से वह दूसरी संस्था में चिकित्सा सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं।
इसके बावजूद 17 जून, 21 जून और इसके बाद की तिथियों में अस्पताल के रिकॉर्ड में उन्हें उपचाररत चिकित्सक के रूप में दर्शाते हुए उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए।
जांच में उनके नाम से कुल 315 उपचार विवरण सामने आए। इनमें:
- 227 बाहरी रोगी (OPD) उपचार विवरण
- 88 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरण
- 88 मामलों की दावा राशि 99,327 रुपए
- 315 उपचार विवरणों की कुल दावा राशि 1,42,489 रुपए
47 दावे पहले ही निरस्त
जांच के दौरान 88 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरणों में से 47 मामलों को निरस्त किया जा चुका है।
इन 47 मामलों की दावा राशि 43,007 रुपए बताई गई है। वहीं शेष 41 मामलों की दावा राशि 56,320 रुपए है, जिनसे जुड़े तथ्यों का परीक्षण जारी है।
नोटिस का जवाब नहीं मिला तो अस्पताल निलंबित
RGHS प्रशासन ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था।
निर्धारित अवधि में नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, सीकर को RGHS से निलंबित कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनियमित दावों पर जीरो टॉलरेंस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि RGHS के तहत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ योजना की राशि का पारदर्शी और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने कहा कि चिकित्सक के नाम, मुहर, हस्ताक्षर या डिजिटल पहचान के संभावित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
AI और डेटा एनालिसिस से होगी निगरानी
RGHS परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल के अनुसार, योजना में AI आधारित निगरानी, डेटा विश्लेषण, दावों की जांच और दस्तावेज सत्यापन के जरिए असामान्य पैटर्न की पहचान की जा रही है।
ऐसे मामलों में संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।






