जयपुर, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए इन दिनों मिशन मोड में काम किया जा रहा है।
आयोग की कार्यप्रणाली में किए जा रहे इन सुधारों और नवाचारों में दूसरे राज्यों के लोक सेवा आयोग भी रुचि दिखा रहे हैं।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के सदस्य डॉ. ए.के. वर्मा 27 अगस्त को अजमेर आएंगे। वे RPSC कार्यालय में आयोग की कार्यप्रणाली और हाल में किए गए सुधारों को करीब से समझेंगे।
महाराष्ट्र की बैठक में भी हुई RPSC के नवाचारों की चर्चा
पिछले दिनों महाराष्ट्र में आयोजित विभिन्न लोक सेवा आयोगों की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में RPSC अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़ ने राजस्थान में किए जा रहे नवाचारों और व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण किया था।
इस दौरान कई राज्यों के आयोगों के प्रतिनिधियों ने RPSC की व्यवस्थाओं में रुचि दिखाई थी।
आयोग के अनुसार, UPPSC के अलावा अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोगों के प्रतिनिधियों के भी राजस्थान आने की संभावना है।
15 सितंबर तक लंबित परीक्षा परिणाम जारी करने का लक्ष्य
RPSC ने अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए लंबित परीक्षा परिणामों के निस्तारण को प्राथमिकता दी है।
आयोग की ओर से प्रमुख लंबित परीक्षा परिणामों को 15 सितंबर तक जारी करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही भर्ती प्रक्रियाओं में कानूनी अड़चनों को दूर करने पर भी काम किया जा रहा है।
हाल ही में आयोग ने अपनी लीगल टीम के साथ लंबित न्यायालयीन मामलों की समीक्षा की। इसका उद्देश्य कानूनी मामलों का जल्द निस्तारण कर रुकी हुई भर्तियों को आगे बढ़ाना है।
31 अगस्त को अधिकांश DPC प्रकरण निपटाने के निर्देश
विभागीय पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी आयोग ने विशेष रणनीति बनाई है।
आयोग अध्यक्ष के निर्देश पर 31 अगस्त का दिन विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों के लिए निर्धारित किया गया है।
इस दिन अधिक से अधिक DPC प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभिन्न विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को राहत की उम्मीद
RPSC की इस प्रक्रिया का सीधा असर भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर पड़ने की उम्मीद है।
लंबित परिणामों और DPC मामलों के त्वरित निस्तारण से भर्ती एवं पदोन्नति प्रक्रियाओं को गति मिलने की संभावना है।






