जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में गेस्ट फैकल्टी लगाने के लिए प्रस्तावित विद्या संबल योजना को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस बढ़ता जा रहा है। राज्य में 76,791 रिक्त पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया को लेकर उम्मीद जगी थी, लेकिन अलग-अलग जिलों से सामने आ रहे आदेशों ने स्थिति को उलझा दिया है। जोधपुर में जहां 25 अगस्त को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रत्याहृत कर दिया गया है, वहीं उदयपुर में 26 अगस्त को संशोधित आदेश जारी कर चयन प्रक्रिया की नई समय-सारणी तय की गई है।
जोधपुर में पुराने आदेश पर रोक
जोधपुर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 25 अगस्त 2026 को विद्या संबल योजना के संबंध में जारी आदेश को अपरिहार्य कारणों से तत्काल प्रभाव से प्रत्याहृत किया जाता है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उक्त आदेश के क्रम में किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई सम्पन्न नहीं की जाए।
आदेश में यह भी कहा गया है कि नई तिथियों की सूचना बाद में दी जाएगी। यानी जोधपुर में 25 अगस्त वाले कार्यक्रम के अनुसार आवेदन या चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
उदयपुर में संशोधित कार्यक्रम जारी
दूसरी ओर उदयपुर में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 26 अगस्त को जारी संशोधित आदेश में विद्या संबल योजना के तहत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नई समय-सारणी दी गई है।
इसके अनुसार 25 से 27 अगस्त तक पीईईओ विद्यालय स्तरीय चयन समिति का गठन, 27 से 31 अगस्त तक विद्यालय पोर्टल पर रिक्त पद प्रदर्शित कर आवेदन लेने, 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आवेदनों की जांच एवं वरीयता सूची तैयार करने और 2 सितंबर को चयन सूची से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। 3 सितंबर को जिला स्तरीय समिति द्वारा चयन सूची के अनुमोदन का कार्यक्रम रखा गया है।
इससे साफ है कि कम से कम इन दोनों जिलों में फिलहाल प्रक्रिया की स्थिति एक जैसी नहीं है।
अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल—आवेदन करें या इंतजार?
जोधपुर और उदयपुर के आदेशों में अंतर सामने आने के बाद प्रदेशभर के अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्या संबल योजना की प्रक्रिया पूरे राजस्थान में किस कार्यक्रम के अनुसार चलेगी।
एक तरफ अभ्यर्थी आवेदन के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे हैं और दूसरी तरफ कुछ जिलों में आदेश वापस लिए जाने या संशोधित किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से प्रसारित अलग-अलग तारीखों ने अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
76,791 पदों की प्रक्रिया पर भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी
राज्य में विद्या संबल योजना के तहत बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाने की जानकारी सामने आई थी। इसी वजह से बड़ी संख्या में बेरोजगार एवं योग्य अभ्यर्थी आवेदन की तैयारी कर रहे हैं।
लेकिन अब जिलों के अलग-अलग आदेशों के बाद शिक्षा विभाग की ओर से राज्यस्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना जरूरी हो गया है, ताकि अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सी तारीख मान्य है और किन जिलों में आवेदन प्रक्रिया जारी है।
अभी ‘पूरे राजस्थान में भर्ती कैंसिल’ कहना सही नहीं
जोधपुर का आदेश यह जरूर साबित करता है कि वहां 25 अगस्त को जारी आदेश के आधार पर आगे कार्रवाई नहीं की जानी है। वहीं उदयपुर का 26 अगस्त का संशोधित आदेश दिखाता है कि वहां प्रक्रिया के लिए नई समय-सारणी जारी की गई है।
इसलिए वर्तमान स्थिति को ‘पूरे राजस्थान में विद्या संबल योजना भर्ती रद्द’ कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। सही स्थिति यह है कि जिलों में प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आदेश सामने आ रहे हैं और राज्यस्तर पर स्पष्टता का इंतजार है।
अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि वे अपने जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी/समग्र शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी नवीनतम आधिकारिक आदेश को ही मानें और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट तारीखों के आधार पर आवेदन न करें।
सरकार से एक स्पष्ट आदेश की मांग
अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षा विभाग एक राज्यस्तरीय स्पष्ट आदेश जारी कर बताए कि विद्या संबल योजना के तहत कुल कितने पदों पर प्रक्रिया होगी, आवेदन कब से कब तक लिए जाएंगे, पुराने आदेशों की स्थिति क्या है और सभी जिलों में एक समान कार्यक्रम लागू होगा या जिलावार अलग-अलग तिथियां रहेंगी।
जब तक यह स्पष्ट नहीं होता, तब तक “आवेदन करें या रुकें?” का सवाल हजारों अभ्यर्थियों के सामने बना रहेगा।








