सीकर, उदयपुर में आयोजित जिंक सिटी हाफ मैराथन में सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ निवासी और बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय अभिषेक बगड़िया ने भाग लिया। उन्होंने अपनी दौड़ को “बाल विवाह मुक्त भारत—बाल विवाह मुक्त विश्व” के संदेश को समर्पित किया।
अभिषेक ने हाफ मैराथन के जरिए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया।
खेल के मंच से बाल विवाह के खिलाफ आवाज
अभिषेक बगड़िया की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के संदेश को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए बाल विवाह उन्मूलन और बाल अधिकार संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रयास किया।
उनकी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक बदलाव के मुद्दों को खेल और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से भी व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
डेढ़ साल से बाल संरक्षण के लिए कर रहे काम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायक सचिव डॉ. शालिनी गोयल ने बताया कि अभिषेक बगड़िया पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
वे सीकर जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस और गायत्री सेवा संस्थान के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह एवं बाल श्रम से मुक्त बनाने के प्रयासों में भागीदारी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भी बाल विवाह की रोकथाम तथा बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए लगातार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
‘दौड़ से बदलाव’ का दिया संदेश
डॉ. शालिनी गोयल ने कहा कि खेल और सामाजिक जागरूकता को जोड़कर युवाओं तक बाल संरक्षण का संदेश पहुंचाना प्रभावी पहल है। अभिषेक बगड़िया द्वारा हाफ मैराथन में बाल विवाह मुक्त भारत और बाल विवाह मुक्त विश्व का संदेश लेकर दौड़ना इसी दिशा में सकारात्मक प्रयास है।
जागरूकता अभियानों में लगातार सक्रिय
अभिषेक बगड़िया लंबे समय से बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियानों में सक्रिय हैं। वे विद्यालयों और समुदायों के बीच संवाद के साथ-साथ बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं।
जिंक सिटी हाफ मैराथन में उनकी भागीदारी ने “दौड़ से बदलाव” का संदेश देते हुए बाल विवाह के खिलाफ चल रहे अभियान को खेल के मंच से भी आवाज दी।






