सीकर,नगर विकास न्यास (यूआईटी) क्षेत्राधिकार में वर्ष 2021 से पहले विकसित आवासीय कॉलोनियों को लेकर यूआईटी ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई राज्य सरकार के प्रचलित नियमों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही की जाएगी।
यूआईटी सचिव जेपी गौड़ ने बताया कि कुछ प्रार्थीगण ने वर्ष 2021 से पूर्व विकसित आवासीय कॉलोनियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने तथा उन्हें सुमोटो प्रक्रिया के तहत 70:30 के अनुपात में कन्वर्ट किए जाने का अनुरोध किया था।
इस संबंध में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यूआईटी द्वारा केवल बिना भूमि संपरिवर्तन के विकसित अवैध आवासीय कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। किसी भी वैध एवं विधिवत स्वीकृत कॉलोनी के विरुद्ध तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की गई है।
2021 से पहले की कॉलोनियों के लिए क्या है प्रावधान
अधिकारियों के अनुसार कृषि भूमि पर बिना संपरिवर्तन के वर्ष 2021 से पहले विकसित की गई कॉलोनियों का नियमितीकरण राज्य सरकार के प्रचलित नियमों एवं निर्देशों के तहत सुमोटो 90ए प्रक्रिया में निर्धारित मापदंडों की पूर्ति होने पर ही किया जा सकता है।
वहीं, वर्ष 2021 के बाद विकसित की गई कॉलोनियां नियमितीकरण के दायरे में नहीं आती हैं।
हाईकोर्ट के स्थगन के कारण फिलहाल नियमितीकरण संभव नहीं
यूआईटी अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2021 से पूर्व विकसित कॉलोनियों के नियमितीकरण के संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी है। इसके चलते वर्तमान में नियमितीकरण की कार्रवाई किया जाना संभव नहीं है।
यूआईटी ने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों तथा राज्य सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार ही की जाएगी।






