सीकर: खाद्य सुरक्षा योजना में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे गिव अप अभियान के तहत सीकर जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ा है।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।
2.17 लाख लोगों ने छोड़ा योजना का लाभ
जिला रसद अधिकारी सीकर विजेंद्र पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि
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1 नवंबर 2024 से शुरू हुए गिव अप अभियान में
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सीकर जिले में 2,17,703 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा
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वहीं, पूरे राजस्थान में 48 लाख 87 हजार लोगों ने योजना से नाम हटवाया है
यह आंकड़ा अभियान की सफलता को दर्शाता है।
किन परिवारों को माना गया अपात्र
खाद्य सुरक्षा योजना के निर्धारित मापदंडों के अनुसार निम्न परिवार निष्कासन सूची में शामिल हैं
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जिनमें कोई सदस्य आयकर दाता हो
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जिनका कोई सदस्य सरकारी / अर्द्धसरकारी / स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो
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जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो
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जिनके पास चार पहिया वाहन हो
(कृषि या जीविकोपार्जन में प्रयुक्त ट्रैक्टर को छोड़कर)
1146 अपात्र लोगों को नोटिस जारी
गिव अप अभियान के तहत सीकर जिले में 1146 अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनसे गलत तरीके से उठाए गए राशन की वसूली की जाएगी।
उचित मूल्य दुकानों पर सख्त निगरानी
अब प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर
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खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक औचक निरीक्षण करेंगे
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अपात्र व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी
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दुकानदारों के सहयोग से नोटिस और वसूली की कार्रवाई की जाएगी
प्रत्येक अधिकारी को रोजाना निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन विभाग से डाटा लेकर होगी कार्रवाई
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामियों का डाटा प्राप्त करेगा।
इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित अपात्र लोगों को नोटिस जारी कर वसूली की जाएगी।
जरूरतमंदों तक पहुंचेगा हक
प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगा और योजना अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी।
