सीकर जिले की पंचायत समिति खंडेला क्षेत्र की ग्राम पंचायत मालाकाली में मनरेगा के तहत निर्मित ग्रेवल सड़क को नुकसान पहुंचाने और अतिक्रमण करने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में अनियमितताओं और लापरवाही के तथ्य सामने आने के बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

लोकपाल मनरेगा जिला परिषद हरिराम ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत संचालित सड़क निर्माण कार्य से जुड़े मामले में प्राप्त दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर सक्षम स्तर से निर्णय पारित किया गया है।

सड़क को नुकसान पहुंचाने का मामला आया सामने

जांच में पाया गया कि संबंधित ग्रेवल सड़क के अर्थवर्क को दक्षिण दिशा में क्षतिग्रस्त किया गया। वहीं उत्तर दिशा में तारबंदी कर अतिक्रमण कर लिया गया, जिससे सार्वजनिक उपयोग के इस निर्माण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

निर्णय में कहा गया है कि इस दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर आवश्यक संरक्षणात्मक और पर्यवेक्षण संबंधी कार्रवाई नहीं की गई, जो कर्तव्य में लापरवाही की श्रेणी में आता है।

अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

मामले में सरपंच, प्रशासक, ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक की भूमिका की भी समीक्षा की गई। निर्णय में संबंधित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा भविष्य में मनरेगा कार्यों की निगरानी और संरक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

15 दिन में वसूली और अतिक्रमण हटाने का आदेश

विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी द्वारा आंकी गई 3900 रुपये की पुनर्निर्माण लागत गिरधारीलाल पुत्र बेगाराम से 15 दिन के भीतर वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं कराई गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा मोतीलाल, मोहन और राजेन्द्र पुत्र मुरलीधर द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी 15 दिन के भीतर हटाने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि ग्रेवल सड़क को पुनः आवागमन योग्य बनाया जा सके।

सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर

प्रशासन ने कहा है कि मनरेगा के तहत निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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