सीकर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में आयोजित होने वाले दो दिवसीय मासिक मेले और निर्जला एकादशी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित भारी श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने मंगलवार को खाटूधाम पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
दोनों अधिकारियों ने बाबा श्याम के दरबार में पूजा-अर्चना कर मेले के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया।
निर्जला एकादशी पर बढ़ सकती है श्रद्धालुओं की संख्या
बैठक में जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि निर्जला एकादशी, द्वादशी तथा इसके बाद शनिवार और रविवार होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत एवं चिकित्सा विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया।
रींगस से खाटूधाम तक रहेगा नो-व्हीकल जोन
भीड़ और यातायात प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रींगस से खाटूधाम तक तीन दिनों के लिए नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है।
प्रशासन के अनुसार वाहनों की पार्किंग 52 बीघा पार्किंग और सांवलपुरा रोड पार्किंग में की जाएगी। छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मेले की व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
बैठक के बाद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने दर्शन निकास मार्ग, गुवाड़ चौक, मुख्य बाजार और राजू की चैन क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान दर्शन निकास मार्ग से गुवाड़ चौक तक शेष पक्के निर्माणों को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने जनहित में संबंधित लोगों को समझाइश देकर स्वेच्छा से अवरोध हटाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे निर्धारित यातायात मार्गों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिससे मेले का संचालन व्यवस्थित ढंग से हो सके।





