सीकर जिले के खाटूश्यामजी क्षेत्र में भिक्षावृत्ति उन्मूलन की दिशा में बड़ी कार्रवाई की गई है।
मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) और चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त प्रयास से
दो नाबालिग बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया।
12 और 15 वर्ष के हैं रेस्क्यू किए गए बच्चे
रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चों की उम्र 12 वर्ष और 15 वर्ष बताई गई है।
ये बच्चे खाटूश्यामजी क्षेत्र में भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश
रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को
बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य बिहारी लाल बालान के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
समिति के आदेश पर बच्चों को परमार्थ सेवा संस्थान में अस्थाई रूप से प्रवेशित किया गया है।
सुरक्षित भविष्य की ओर कदम
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई
बच्चों के सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे की प्रक्रिया के तहत बच्चों की काउंसलिंग और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी।
टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस संयुक्त कार्रवाई में
-
CI सुनीता बॉयल, प्रभारी, मानव तस्करी विरोधी इकाई
-
मनोज, प्रेम प्रकाश
-
राकेश चिरानिया, ममता सैनी (चाइल्ड हेल्पलाइन)
सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
भिक्षावृत्ति उन्मूलन की दिशा में सख्ती
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि
भिक्षावृत्ति में बच्चों को धकेलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
और ऐसे मामलों में निरंतर अभियान चलाया जाएगा।
