बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई
सीकर के जगमालपुरा गांव में परिवार बारात का इंतजार कर रहा था, लेकिन बाल अधिकारिता विभाग, गायत्री सेवा संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर विवाह रुकवा दिया।
बाल संरक्षण इकाई की डॉ. गार्गी शर्मा ने बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम है। पुलिस ने मौके पर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें सामने आया कि बच्ची केवल 15 वर्ष की थी।
कानून के तहत कार्रवाई और चेतावनी
अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि भारत में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह योग्य आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष है।
पुलिस ने परिवार को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और बच्ची को शिक्षा जारी रखने की सलाह दी।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
इससे बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
