राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों की तबादला सूचियां जारी होने के बाद शनिवार को नीमकाथाना दिनभर चर्चा का केंद्र बना रहा। अलग-अलग विभागों की सूचियों में सामने आई दो प्रशासनिक त्रुटियों ने सोशल मीडिया और शिक्षण जगत में लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
पहला मामला राजस्व विभाग की तबादला सूची से जुड़ा है। सूची में भू-अभिलेख निरीक्षक की पदस्थापना के दौरान वृत पपूरना, तहसील खेतड़ी के सामने जिला झुंझुनूं के स्थान पर जिला नीमकाथाना अंकित कर दिया गया। जबकि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में नीमकाथाना अलग जिला नहीं है। इस गलती को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटकी लेते हुए लिखा कि “जनता के दिलों में नीमकाथाना जिला आज भी जिंदा है।”
सेवानिवृत्त व्याख्याता का भी जारी हो गया तबादला आदेश
कॉलेज शिक्षा विभाग की तबादला सूची में भी एक ऐसी प्रविष्टि सामने आई जिसने सभी को हैरान कर दिया। राजकीय एसएनकेपी महाविद्यालय, नीमकाथाना के भूगोल विषय के व्याख्याता रामचंद्र यादव, जो जुलाई 2025 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनका भी “प्रशासनिक हित” में नीमकाथाना से बीबीरानी तबादला आदेश सूची में दर्ज हो गया।
हालांकि इसे प्रशासनिक या मानवीय भूल माना जा रहा है, लेकिन यह मामला दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
सात व्याख्याताओं के हुए तबादले
कॉलेज शिक्षा विभाग की सूची के अनुसार राजकीय एसएनकेपी महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय से कुल सात व्याख्याताओं के तबादले किए गए हैं। इनमें अधिकांश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्याख्याता हैं, जबकि दो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के व्याख्याताओं के नाम भी सूची में शामिल हैं।
तबादला सूची में सामने आई इन त्रुटियों को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।






